ताइवान के साथ पुन:एकीकरण निश्चत तौर पर होगा, लेकिन शांतिपूर्ण तरीके से होगा : शी चिनफिंग

चीन के नेता शी चिनफिंग ने शनिवार को कहा कि ताइवान के साथ पुन:एकीकरण निश्चत तौर पर होगा,

ताइवान के साथ पुन:एकीकरण निश्चत तौर पर होगा, लेकिन यह शांतिपूर्ण तरीके से होगा । हालांकि, इससे पहले चीन ने द्वीप पर हमला करने की धमकी दी थी । शी ने कहा, ‘‘राष्ट्र के एकीकरण को साकार किया जाना चाहिए और निश्चित तौर पर ऐसा किया जाएगा। शांतिपूर्ण तरीके से पुन:एकीकरण करना ताइवान के हमवतन समेत चीनी राष्ट्र के समग्र हित में है ।’’
 चीन और ताइवान के शासन पद्धति में भी अंतर है
यह उत्सव 1911 में चीनी क्रांति की 110वीं वर्षगांठ के मौके पर आयोजित की गई, जब किंग राजवंश को सत्ता से बाहर कर सन यात सेन के नेतृत्व में चीनी गणराज्य की स्थापना की गई। वहीं 10 अक्टूबर को ताइवान में राष्ट्रीय दिवस के रूप में मनाया जाता है। चीन और ताइवान के शासन पद्धति में भी अंतर है। चीन में एक दलीय शासन प्रणाली है जबकि ताइवान में बहुदलीय लोकतंत्र है।
 ताइवान का अलगाववाद राष्ट्र के पुन:एकीकरण में सबसे बड़ी बाधा है
शी का यह बयान चीनी सेना द्वारा ताइवान के क्षेत्र में बड़ी संख्या में सैन्य विमानों को भेजे जाने के घटनाक्रम के बाद आया है। ताइवान ने इसे खतरा करार दिया था। ताइवान और चीन 1949 में गृह युद्ध के बीच उस समय अलग हो गए थे जब माओ जेदोंग के नेतृत्व में देश के मुख्य हिस्से पर साम्यवादियों (कम्युनिस्ट) के सत्ता में आने के बाद सत्तारूढ़ नेशनलिस्ट पार्टी के लोग भागकर इस द्वीप पर चले गए थे। इसके बाद से ताइवान में स्वशासन है और चीन ने इसे वैधता प्रदान करने से इनकार कर दिया। शी ने कहा कि ताइवान का अलगाववाद राष्ट्र के पुन:एकीकरण में सबसे बड़ी बाधा है। वे लोग जो स्वतंत्रता की वकालत कर रहे हैं, वे इतिहास की नजर में दोषी रहेंगे।

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