पीलीभीत से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद वरुण गांधी ने उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटीईटी) को रद्द करने को लेकर उत्तर प्रदेश सरकार पर कटाक्ष किया। बताते चलें कि मथुरा, गाजियाबाद और बुलंदशहर के विभिन्न व्हाट्सएप ग्रुपों पर प्रश्न पत्र लीक होने के बाद 28 नवंबर को यूपीटीईटी को रद्द कर दिया गया था।
वरुण गांधी ने साधा सरकार पर निशाना, पूछा ये सवाल
वरुण गांधी ने गुरुवार को एक ट्वीट में कहा, “पहले, कोई सरकारी नौकरी नहीं है। मौका मिले भी तो पेपर लीक हो जाता है। यदि आप परीक्षा के लिए उपस्थित होते हैं, तो वर्षों तक कोई परिणाम नहीं होता है। और फिर इसे किसी घोटाले के कारण रद्द कर दिया जाता है।”

इसके साथ ही वरुण गांधी ने पूछा कि “लगभग 1.25 करोड़ युवा 2 साल से रेलवे ग्रुप डी परीक्षा के परिणाम की प्रतीक्षा कर रहे हैं। यही हाल सेना की भर्ती का है। भारत के युवाओं को कब तक धैर्य रखना चाहिए?

जानें क्या है UPTET पेपर लीक मामला
उत्तर प्रदेश के 75 जिलों के 2,500 से अधिक केंद्रों में आयोजित होने वाली यूपीटीईटी में लगभग 13 लाख उम्मीदवारों को उपस्थित होना था। राज्य के प्राथमिक और जूनियर स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती के लिए परीक्षा होनी थी। पेपर लीक सामने आने के तुरंत बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक महीने के भीतर परीक्षा कराने का निर्देश दिया और लीक में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जल्द ही नई तारीखों की घोषणा की जाएगी। पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने 29 लोगों को गिरफ्तार किया है।
BJP के खिलाफ नजर आए वरुण गांधी के तेवर
पेपर लीक मामले में एसटीएफ ने कुल 10 मामले दर्ज किए हैं, जिसकी भाजपा सांसद वरुण गांधी ने आलोचना की है। हाल ही में, वरुण गांधी विभिन्न मुद्दों पर मुखर रहे हैं, जिनमें किसानों का विरोध प्रमुख है। ऐसे मुद्दों पर उनके रुख को पार्टी के खिलाफ जाने के तौर पर देखा जा रहा है। लखीमपुर खीरी हिंसा पर वरुण गांधी के ट्वीट के बाद वरुण गांधी और उनकी मां मेनका गांधी को 80 सदस्यीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी से हटा दिया गया था।


















