उत्तर प्रदेश के कानपुर में जीका वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। बुधवार को यहां 14 लोगों में जीका वायरस की पुष्टि हुई है। इसके साथ ही शहर में अब तक जीका वायरस के 25 मामले सामने आ चुके हैं। 14 संक्रमितों में एक गर्भवती महिला भी शामिल है।
जीका वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए डीएम ने सीएमओ समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की बैठक बुलाई है। आज सामने आए सभी 14 मामले कानपुर के चकेरी क्षेत्र से आए हैं, जिसके बाद क्षेत्र में हाई अलर्ट घोषित कर दिया गया है। इससे पहले 1 नवंबर को यहां 6 केस मिले थे।
क्या है जीका वायरस?
जीका वायरस एडीज एजिप्टी नाम की प्रजाति के मच्छर के काटने से फैलता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, एडीज मच्छर आमतौर पर दिन में काटते हैं। ये वही मच्छर है जो डेंगू, चिकनगुनिया फैलाता है। हालांकि, ज्यादातर लोगों के लिए जीका वायरस का संक्रमण कोई गंभीर समस्या नहीं है, लेकिन ये गर्भवती महिलाओं के लिए खासतौर से भ्रूण के लिए खतरनाक हो सकता है।
यदि कोई गर्भवती महिला जीका वायरस की चपेट में आ जाए तो, गर्भस्थ शिशु के मस्तिष्क का विकास नहीं होता।हालांकि इसकी मृत्यु दर कम बताई जाती है। वायरस पहली बार वर्ष 1952 में यह अफ्रीका के जंगल में एक लंगूर में पाया गया था। साल 1954 में इसे विषाणु करार दिया गया। वर्ष 2007 में एशिया और वर्ष 2021 में केरल और महाराष्ट्र में जीका वायरस के केस मिले थे।


















