उत्तर प्रदेश में शामली जिले के कैराना से समाजवादी पार्टी (सपा) विधायक नाहिद हसन की भाजपाई दुकानदारों से सामान न खरीदने के संबंध में जा रही कथित अपील की वायर वीडियों की प्रामाणिकता की जांच कराई जा रही है।
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने सोमवार को यहां यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया एवं विभिन्न न्यूज चैनलों के माध्यम से एक वीडियो प्रसारित होने की सूचना प्राप्त हुई, जिसमें कथित तौर पर कैराना के विधायक नाहिद हसन द्वारा कस्बे में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से जुड़ दुकानदारों से सामान न खरीदने के संबंध में अपील की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस अपील की वायरल वीडियों की प्रामाणिकता की जांच कराई जा रही है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक अजय कुमार ने अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार को जांच सौंपी है।
उन्होंने बताया कि जांच में यदि इस बात की पुष्टि होती है कि उक्त वीडियो में कही गयी बातें वास्तव में विधायक नाहिद हसन द्वारा कही गयी हैं तो उसका उचित संज्ञान लेते हुए वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करायी जायेगी।
जिलाधिकारी श्री सिंह ने बताया कि उक्त वीडियो में विधायक नाहिद हसन द्वारा कथित रूप से जिन तथ्यों को कहा गया है, उनके संबंध में अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद, कैराना से रिपोर्ट ली गयी तथा उप जिलाधिकारी, कैराना से पूछताछ की गयी, उनके अनुसार दी गयी रिपोर्ट एवं जानकारी के अनुसार प्रकरण की वस्तुस्थिति निम्नप्रकार पायी गयी सं त्यागी जारी
श्री सिंह ने बताया कि नगर पालिका परिषद, कैराना के मौहल्ला बेगमपुरा में स्थित नजूल भूमि भूखण्ड संख्या- 355/2 जिसका क्षेत्रफल 5939.58 वर्ग मीटर है को नगर पालिका परिषद कैराना द्वारा 31.03.2003 को पालिका के पक्ष में फ्रीहोल्ड कराया गया था। इस भूमि को 28,68,000 रूपये में खरीदा गया था। नगर पालिका परिषद कैराना के अधिशासी अधिकारी ने यह रिपोर्ट दी गयी है कि कस्बा कैराना में मेन मार्किट एवं विभिन्न रास्तों पर फल तथा सब्जी के ठेले लगाकर ठेलीवाले घूम-घूमकर अपना सामान बेचते हैं, जिसके फलस्वरूप बाजार में जनसामान्य की आवाजाही में व्यवधान उत्पन्न होता है।
जिलाधिकारी के अनुसार शासन के निर्देशानुसार कस्बा कैराना में विभिन्न बाजारों/रास्तों में घूमने वाले ठेलीवालों को वेडिंग जोन में स्थापित कराया जाना है, जिसके लिए उपरोक्त भूमि सर्वथा उपयुक्त है। उक्त भूमि के कुछ भाग पर कतिपय अवैध कब्जाधारकों द्वारा अस्थाई कब्जा किया गया था, जिसके संबंध में नगर पालिका परिषद, कैराना द्वारा नियमानुसार नोटिस जारी किये गये। उसके बाद अवैध कब्जाधारकों द्वारा स्वयं ही स्वेच्छा से अपना सामान हटा लिया गया। शासन की मंशा के अनुरूप उक्त स्थल पर वेंडिंग जोन स्थापित किये जाने के लिए अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जा रही हैं, जिसके पश्चात् नगर पालिका परिषद कैराना के ठेलीवालों/पथ विक्रेताओं को उपरोक्त स्थल पर स्थानान्तरित किया जायेगा। अभी तक इस क्रम में नगर पालिका परिषद, कैराना द्वारा 219 पथ विक्रेताओं एवं ठेलीवालों को चिन्हित किया जा चुका है।
उन्होंने बताया कि अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद कैराना द्वारा दी गयी रिपोर्ट एवं उप जिलाधिकारी, कैराना द्वारा प्रकरण के तथ्यों के संबंध में दी गयी जानकारी से स्पष्ट है कि नगर पालिका परिषद, कैराना एवं स्थानीय प्रशासन द्वारा उपरोक्त समस्त कार्यवाही शासन की मंशा के अनुरूप पथ विक्रेताओं/ठेलीवालों को व्यवस्थित रूप से अपना व्यापार संचालित करने की दृष्टि से की गयी है। चूंकि पथ विक्रेता/ठेलीवालों में सभी वर्ग के लोग सम्मिलित है ऐसी स्थिति में विधायक श्री हसन का यह कथन कि स्थानीय प्रशासन द्वारा जानबूझकर किसी वर्ग विशेष के साथ ज्यादती की जा रही है उचित नहीं है अपितु दुभार्वनापूर्ण है।


















