राजस्थान में ब्राह्मण संगठनों द्वारा रविवार को परशुराम शोभायात्रा निकाली। यात्रा के दौरान एक थाना प्रभारी पर आपत्तिजनक टिप्पणी और फरसा छीनने का आरोप लगाते हुए गुस्साए युवकों ने खोह नागोरियान थानाप्रभारी इंद्राज मारोडिया से अभद्रता कर हाथापाई कर दी। धक्कामुक्की की। बवाल मचने पर पुलिस उच्चाधिकारी मौके पर पहुंचे। तब थानाप्रभारी के माफी मांगने पर शांति हुई। जानकारी के मुताबिक, ब्राह्मण संगठनों ने जयपुर के खानिया हनुमान मंदिर से 52 फीट हनुमान मंदिर तक शोभायात्रा निकाली।
इस यात्रा की पुलिस प्रशासन ने पहले से अनुमति दी थी। तभी रैली के पुरानी चुंगी के पास पहुंचते ही कुछ लोग हंगामा करने लगे। दरअसल रैली में शामिल एक व्यक्ति के पास हाथ में एयरगन नजर आई। जिसके बाद थाना प्रभारी ने मना किया तो लोग भड़क गए और नारेबाजी करने लगे। इस दौरान कुछ लोगों के साथ थाना प्रभारी व अन्य पुलिसकर्मियों की हाथापाई हुई। सूचना मिलने पर डीसीपी पूर्व कुंवर राष्ट्रदीप, एडिशनल डीसीपी हनुमान मीना, एसीपी बस्सी पुष्पेंद्र सिंह राठौड़ समेत आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। तब तक सैकडों की संख्या में रैली में शामिल लोगों ने खोह नागोरियान थाने पहुंचकर धरना दे दिया।
थाने में मौजूद लोग थानाप्रभारी को हटाने की मांग करने लगे। उनका आरोप था कि थानाप्रभारी ने परशुराम के लिए अपशब्दों का इस्तेमाल किया। इससे उनकी भावनाएं आहत हुई है। वे शांति से रैली निकाल रहे थे। जबरन थानप्रभारी उन्हें धमकाने लगे।- वहीं सीआई इंद्राज का कहना था कि मामले को गलत मोड़ देने के लिए इसे कुत्सित तरीके से फैलाया गया। कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए उन्होंने एक व्यक्ति को हथियार ना लाने के लिए रोका था। उन्होंने किसी की भावना को आहत नहीं किया। देर शाम को डीसीपी पूर्व की मौजूदगी में थानाप्रभारी ने माफी मांगी तब मामला शांत हुआ।
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