राकांपा सांसद सुप्रिया सुले ने बीजेपी नीत महाराष्ट्र सरकार पर महिला सुरक्षा के प्रति संवेदनहीन होने का शुक्रवार को आरोप लगाते हुए कथित सामूहिक बलात्कार के बाद एक महिला की मौत की एसआईटी से जांच की मांग की। बारामती से राकांपा सांसद ने विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग की और कहा कि इस मामले की जांच सही ढंग से नहीं की जा रही है। उनके साथ राकांपा मुंबई के प्रमुख नवाब मलिक और विधान पार्षद विद्या चव्हाण भी थे।
राकांपा ने आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की है। पार्टी ने यहां उपनगर चेंबूर में लाल डोंगर इलाके से चूनाभट्टी थाने तक विरोध मार्च निकाला। मुंबई में जुलाई के पहले सप्ताह में 19 साल की एक महिला के साथ उसके चार दोस्तों ने कथित रूप से सामूहिक बलात्कार किया था।
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पीड़िता की धवार की रात में महाराष्ट्र के औरंगाबाद शहर में एक राजकीय अस्पताल में मौत हो गई। सुले ने चूनाभट्टी थाने में अधिकारियों से मिलने के बाद संवाददाताओं से कहा, “जांच सही तरीके से नहीं हो रही है। इस मामले की जांच एसआईटी के जरिए होनी चाहिए। हम परिवार के साथ हैं। जब तक पीड़िता को न्याय नहीं मिल जाता, हम नहीं बैठेंगे।’’
सुले ने आरोप लगाया कि पीड़िता के पिता पर दबाव डाला जा रहा है और सरकार आवाज दबा रही है। पीड़िता की मां ने एक मराठी समाचार चैनल से कहा कि परिवार न्याय चाहता है।


















