महाराष्ट्र की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) में बिखर कर टूट गई है । NCP में पड़ी फूट को लेकर पवार परिवार के साथ-साथ कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी का नाम भी चर्जाओं में बना हुआ है। कहा जा रहा है इस राजनीती में उथल पुथल की वजह राहुल उन्हें विपक्ष का चेहरा बनाने की कांग्रेस की कोशिशें भी हो सकती हैं। लेकिन किसी ने भी आधिकारिक तौर पर ऐसा कुछ नहीं कहा। फिलहाल, मुंबई में उपमुख्यमंत्री अजित पवार और उनके चाचा शरद पवार के बीच एनसीपी और चुनाव चिह्न को लेकर राजनीती एक अलग ही रूप ले रही है।
राहुल के साथ काम करने को लेकर असहज
एक मीडिया रिपोर्ट में एनसीपी सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पटना में हुई बैठक से पहले ही पार्टी के कई नेता कई मुद्दों पर असहज दिखे। इसका एक कारण राहुल गांधी की अमेरिका यात्रा कि वजह से बैठक की तारीख में बदलाव है और दूसरा उन्हें नेता के रूप में पेश करने की कांग्रेस की कोशिशें हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी के कुछ नेता इसे लेकर नाराज दिख रहे थे कि कांग्रेस यह दिखाने की कोशिश कर रही है कि राहुल ही बीजेपी को निडर होकर जवाब दे रहे हैं। वहीं, विपक्षी दलों में बीजेपी को हराने वाली पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी जैसे नेता भी मौजूद हैं। मिली जानकारी के अनुसार टीएमसी (TMC) और एनसीपी (NCP) जैसी कुछ पार्टियां पहले से ही राहुल के साथ काम करने को लेकर असहज हैं।
कांग्रेस की चाहत का असर विपक्षी एकता पर भी पड़ सकता है
एक तरफ यूपीए (UPA) बनाते वक्त सोनिया गांधी ने साफ कर दिया था कि वह नेता बनने के बजाय सभी को एकजुट करना चाहती हैं, लेकिन राहुल गांधी के मामले में कांग्रेस ऐसी किसी प्रक्रिया में नजर नहीं आ रही है। कहा जा रहा है कि राहुल को आगे बढ़ाने की कांग्रेस की चाहत का असर विपक्षी एकता पर भी पड़ सकता है।


















