कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने कहा है कि आंदोलन कर रहे किसानो की मांग को लेकर सरकार की नीयत साफ नहीं है और किसान उसके इरादों को समझते हैं इसलिए सरकार की उन्हें समझाने की हर कोशिश नाकाम हो रही है। राहुल ने कहा कि किसान जानता है कि उन्हें उलझाने की कोशिश की जा रही है और इसीलिए वे भी अपनी मांग माने बिना घर लौटने को तैयार नहीं है।
सरकार की सत्याग्रही किसानों को इधर-उधर की बातों में उलझाने की हर कोशिश बेकार है।
अन्नदाता सरकार के इरादों को समझता है; उनकी माँग साफ़ है-
कृषि-विरोधी क़ानून वापस लो, बस!
— Rahul Gandhi (@RahulGandhi) January 12, 2021
उन्होंने ट्वीट कर कहा, ‘‘ सरकार की सत्याग्रही किसानों को इधर-उधर की बातों में उलझाने की हर कोशिश बेकार है। अन्नदाता सरकार के इरादों को समझता है; उनकी मांग साफ है- कृषि-विरोधी कानून वापस लो, बस।’’ इस बीच कांग्रेस का युवा संगठन युवक कांग्रेस आज कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर के आवास का घेराव कर सरकार पर किसानों की बात मानने के लिए दबाव बना रही है।
गौरतलब है कि केंद्रीय कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन का मंगलवार को 48वां दिन है। देश की राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर डटे किसान संगठनों ने कह दिया है कि किसी कमेटी में मसले को ले जाना उन्हें मंजूर नहीं है। सुप्रीम कोर्ट आज (मंगलवार) को फिर इस मामले में सुनवाई करेगी।
अखिल भारतीय किसान महासभा के महासचिव ने आने से कहा कि सरकार कोर्ट की आड़ में मामले को लटकाना चाहती है जो किसानों को मंजूर नहीं है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि कृषि कानून जनता की चुनी हुई सरकार ने बनाया है और किसान इसे निरस्त करने की मांग सरकार से कर रही है। यह सरकार से उनकी फरियाद है।


















