भाजपा का आरोप – कर्नाटक में खुलकर चुनाव प्रचार करने नहीं दिया जा रहा 

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बेंगलूर : भाजपा ने आज आरोप लगाया कि कर्नाटक का प्रशासन उसे खुलकर चुनाव प्रचार करने नहीं दे रहा और वह चुनिंदा तरीके से नियमों को लागू कर रही है ताकि 12 मई को होने वाले राज्य विधानसभा चुनावों में सत्ताधारी कांग्रेस के ‘‘ पक्ष में स्थितियां बनाई जा सकें। ’’ भाजपा के कर्नाटक मामलों के प्रभारी महासचिव मुरलीधर राव ने यहां पत्रकारों को बताया , ‘‘ चुनाव प्रचार के दौरान पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को बी आर आंबेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने की इजाजत नहीं दी गई और पार्टी कार्यकर्ताओं को अपने घरों पर पार्टी के झंडे फहराने की भी इजाजत नहीं है। ’’ उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव कार्य में शामिल राज्य सरकार के अधिकारियों ने पार्टी कार्यकर्ताओं को धमकी दी और उनसे झंडे हटाने को कहा। राव ने कहा , ‘‘ इसे गंभीरता से लेते हुए भाजपा ने 25 अप्रैल को राज्य स्तर पर ‘ नम्मा माने भाजपा माने ’ ( हमारा घर भाजपा घर ) अभियान चलाने का फैसला किया है जिसमें पार्टी के कार्यकर्ता अपने घरों पर पार्टी का झंडा फहराएंगे। ’’ उन्होंने कहा , ‘‘ इस अभियान में पार्टी के करीब 11 लाख कार्यकर्ता हिस्सा लेंगे। ’’

राव ने यह दावा भी किया कि भाजपा के कार्यकर्ताओं को पार्टी की बैठकों में खाना खाने की इजाजत भी नहीं दी गई जबकि चुनाव नियमावली में ऐसे किसी नियम का उल्लेख नहीं है। कई अन्य शिकायत करते हुए राव ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने शाह को काफी देरी के बाद हाल में 12 वीं सदी के समाज सुधारक बासवन्ना की प्रतिमा पर माल्यार्पण की इजाजत दी थी। उन्होंने कहा , ‘‘ प्रशासन ने हमें परेशान किया और तय कार्यक्रम से महज कुछ घंटे पहले हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष को संत बासवन्ना को माला पहनाने की इजाजत दी। ’’ राव ने आरोप लगाया कि चुनाव अधिकारी मकानों की दीवारों पर लिखे उन संदेशों को अवैध रूप से मिटा रहे हैं जिनमें लोगों से भाजपा को वोट देने की अपील की गई है।

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