बिहार बस हादसे की गुत्थी उलझी, आपदा प्रबंधन मंत्री बोले- किसी की नहीं हुई मौत

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पटना : मुजफ्फरपुर से दिल्ली जा रही यात्री बस (यूपी 75 एटी 2313) गुरुवार को कोटवा में बाइक सवार को बचाने के क्रम में दुर्घटनाग्रस्त होकर 15 फुट गढ्डे में जा गिरी थी बस दुर्घटना में किसी यात्री की मौत नहीं हुई है। ये कहना है कि आपदा प्रबंधन मंत्री दिनेश चंद्र यादव का। उन्होंने कहा कि बस में 13 लोगों की बुकिंग थी। घटना के बाद 8 लोगों को प्रशासन द्वारा अस्पताल ले जाया गया, बाकी 5 के बारे में कोई जानकारी नहीं है।

उन्होंने आगे कहा कि यह भी हो सकता है कि वे खुद ही घटनास्थल से चले गए हों। बता दें कि इससे पहले मंत्री ने 27 लोगों के जिंदा जलने की बात को स्वीकार किया था। अपने बयान पर आपदा प्रबंधन मंत्री ने कहा कि मरने वाले लोगों के बारे में जो सूचना दी गई थी वह गलत थी।

उन्होंने कहा कि हां मैंने कहा था कि 27 लोगों की मौत हो गई है। वह जानकारी स्थानीय सूत्रों के आधार पर दी गई थी लेकिन मैंने यह भी कहा था कि फाइनल रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही आंकड़ा बताएंगे। बता दें कि बस में 32 लोगों ने बुकिंग कराई थी, लेकिन 13 लोग बस में सवार थे और बाकी लोग आगे गोपालगंज में सवार होने वाले थे। हादसे में बचाए गए यात्रियों को एसकेएमसीएच में भर्ती कराया गया था। जानकारी के अनुसार बस बिना परमिट के चलाई जा रही थी।

बस मालिक का नाम सरोज सिंह है जोकि फिलहाल फरार है। हादसे के संबंध में जानकारी देते हुए घायल यात्री संजीव कुमार ने बताया था कि कोटवा के पास अचानक एक मोटरसाइकिल सड़क पर आ गई थी। उसे बचाने के चक्कर बस चालक ने बस पर से नियंत्रण खो दिया, जिसके बाद बस पलट गई और जब तक कोई कुछ समझ पाता बस में आग लग गई थी। इसके बाद पास के खेत में काम करने वाले किसानों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और छह लोगों को बचाने में कामयाब रहे। बाकी के लोग आग फैलने की वजह से बचाए नहीं जा सके।

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