चंद्रमा के अनछुए पहलुओं का पता लगाने के लिए चंद्रयान-2 सोमवार को यहां स्थित सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र (ISRO) से शान के साथ रवाना हो गया। इसे ‘बाहुबली’ नाम के सबसे ताकतवर रॉकेट जीएसएलवी-मार्क ।।। के जरिए अपराह्न दो बजकर 43 मिनट पर प्रक्षेपित किया गया।
आज का यह प्रक्षेपण अंतरिक्ष क्षेत्र में भारत की धाक जमाएगा और यह चांद के बारे में दुनिया को नई जानकारी उपलबध कराएगा। एक सप्ताह पहले तकनीकी गड़बड़ी आने के बाद चंद्रयान-2 का प्रक्षेपण रोक दिया गया था।
UPDATE : –
– राज्यसभा में चंद्रयान-2 की सफलता पर देश के वैज्ञानिकों को बधाई दी गई। उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू ने सदन में वैज्ञानिकों को बधाई देने वाला प्रस्ताव पेश किया।
– चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग पर कुमार विश्वास ने ट्वीट कर दी बधाई कहा “स्वर्ग के सम्राट को जाकर ख़बर कर दो, रोज ही आकाश चढ़ते आ रहे है हम

-चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग यहां देखें

– लॉन्च हुआ चंद्रयान-2
-चंद्रयान-2 मिशन के डायरेक्टर ने चंद्रयान-2 के लॉन्च की इजाजत दे दी है। अब से कुछ ही देर यानी 2.43 बजे चंद्रयान-2 लॉन्च किया जाएगा।
– लिक्विड हाइड्रोजन की फिलिंग पूरी हो गई है। ठीक 2.43 बजे चंद्रयान-2 लॉन्च किया जाएगा, ISRO के मिशन कंट्रोल सेंटर में इस मिशन की निगरानी 250 वैज्ञानिक कर रहे हैं।
– इसरो ने ट्वीट कर ये जानकारी दी है कि चंद्रयान 2 की लॉन्चिंग में सिर्फ कुछ ही मिनट बाकि है । लिक्विड ऑक्सीजन की फिलिंग हो चुकी है और अब लिक्विड हाईड्रोजन की फिलिंग हो रही है।
– चांद और पृथ्वी के बीच में 3,84,000 KM. की दूरी है। इस दूरी को पूरा करने में कुल 48 दिन लगेंगे।
– चंद्रयान-2 के लॉन्च से पहले ISRO इस मिशन के बारे में पूरी जानकारी दे रहा है। चंद्रयान-2 चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र में उतरेगा, जहां वह इसके अनछुए पहलुओं को जानने का प्रयास करेगा। इससे 11 साल पहले इसरो ने अपने पहले सफल चंद्र मिशन ‘चंद्रयान-1 का प्रक्षेपण किया था जिसने चंद्रमा के 3,400 से अधिक चक्कर लगाए और यह 29 अगस्त, 2009 तक 312 दिन तक काम करता रहा।


















