पश्चिमी दिल्ली : राजधानी में आग लगने का सिलसिला लगातार जारी है। रोहिणी जिले के शाहबाद डेयरी स्थित झुग्गियों में मंगलवार सुबह भीषण आग लग गई। हवा तेज होने के कारण देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। दमकल विभाग के मुताबिक, आग से करीब 500 से ज्यादा झुग्गियां जलकर राख हो गई। लोगों ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। आग इतनी तेजी से फैली कि लोग अपना सामान भी नहीं निकाल पाए। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है। इस अग्निकांड में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। फिलहाल पुलिस आग लगने के कारणों की जांच कर रही है।
11 बजकर 30 मिनट पर लगी आग
शाहबाद डेयरी के रोहिणी सेक्टर-28 दौलतपुर गांव स्थित झुग्गियों में आग सुबह 11.30 बजे लगी थी। यहां पर करीब साढ़े पांच सौ झुग्गियां हैं। जिसमें सैकड़ों परिवार रहते हैं। पिछले करीब 13 साल से यहां पर झुग्गियां बनी हुई है। जिसमें अधिकतर बंगालियों का परिवार रहता हैं। सूचना मिलते ही एक के बाद एक करीब दमकल की करीब 21 गाड़ियों मौके पर पहुंची और डेढ़ बजे तक आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया।
सोने-चांदी के आभूषण व नकदी जली
स्थानीय निवासी कमरूद्दीन के अनुसार, उसका स्क्रेप का काम है। उसके यहां पर करीब सात से आठ लाख रुपए का सामान रखा हुआ था, जोकि पूरी तरह से जल गया है। अब उसे यह नहीं पता की वह कर्जा कैसे अदा कर पाएगा। उसने काफी मुश्किल से अपने यहां पर आशियाना बनाया था। कमरूद्दीन व अन्य लोगों की मानें तो साढ़े पांच सौ झुग्गियों में दस लाख से ज्यादा के सोने और चांदी की आभूषण रखा हुआ था, जबकि करीब इतना ही नकदी रखा था, जो पूरी तरह से जल गया है।
बस पहने हुए कपड़े बचे हैं सिर्फ… अग्निकांड में जिनकी झुग्गियां जली है उनका कहना है कि आग लगने के बाद पूरी बस्ती राख के ढेर में तब्दील हो गई है। किसी के पास कुछ नहीं बचा है। लोगों के पास बचा है तो सिर्फ उनके पहने हुए कपड़े। हवा काफी तेज होने के कारण आग ने विकराल रूप ले लिया था, जो लोग अपनी-अपनी झुग्गियों में थे वह अपना सामान तक बाहर नहीं निकाल पाए। अपनी और अपने परिवार के सदस्यों की जान बचाकर बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। लोगों के पास अब इतने रुपये भी नहीं हैं कि वह अपने आने वाले दिनों के लिए खाने व पहनने के लिए कपड़ों का इंतजाम कर सके।
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